obsessive – compulsive disorder (ओब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर)
obsessive compulsive disorder (OCD) एक असामान्य रोग है जो लम्बे समय तक चलता है। इस रोग में बारम्बार अनावश्यक विचारों (obsession) का आना और इन विचारों की प्रतिक्रिया में क्रियान्वन (compulsion) का होना शामिल है। मुख्यतः ये विचार हो सकते हैं: गन्दगी के, कार्य पूर्ण न होने के, बीमार हो जाने के, सेक्स सम्बन्धी, इत्यादि। क्रियान्वन आमतौर पर अनावश्यक विचारों द्वारा उत्पन्न तनाव/घबराहट को विफल करने का असफल प्रयास होता है।
OCD विश्व में पाया जाने वाला सामान्य रोग है और इसकी व्यापकता लगभग 2.3 % है। इस रोग की शुरुआत वयस्कता के शुरूआती दिनों में हो जाती है जिसमे से लगभग 50 % बाल्यकाल में शुरू हो जाती है। सामान्य रूप से इस रोग के लक्षण समय – समय पर कम या ज्यादा होते रहते हैं। इलाज के माध्यम से इन उतार - चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य जीवनयापन किया जा सकता है।
अज्ञानतावश OCD के ज्यादातर मरीज़ अपनी परेशानी को लेकर मनोचिकित्सक के पास न जाकर अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों के पास जाते हैं। जैसे, गंदगी के विचारों से बार बार धोने से हाथ खराब होने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास, अत्यधिक ब्रश करने से मसूड़े ख़राब होने से डेंटिस्ट के पास, किसी बिमारी जैसे कैंसर हो जाने के ओबसेशन की वजह से कैंसर रोग विशेषज्ञ के पास, यदि यह रोग बच्चों में है तो बाल रोग विशेषज्ञ के पास, चेहरा बिगड़ा हुआ होने के ओबसेशन से प्लास्टिक सर्जन के पास जाना, इत्यादि।
क्रियान्वन (compulsion) 25 % रोगियों में दिमागी हो सकता है जो प्रत्यक्ष रूप से किसी को दिखाई न दे जैसे किसी को नुक्सान पहुँचाने के प्रत्युत्तर में मन में विशेष प्रार्थना को विशेष संख्या तक दोहराना। बार – बार आने वाले इन विचारों को रोगी रोकने की असफल कोशिश करता है और रोकने की कोशिश करने पर घबराहट होती है जो क्रियान्वन (compulsion) को करने पर मजबूर करती है।
50 % तक रोगी इन विचारों को सही मानते हैं और इलाज के प्रति उदासीन रहते हैं। परन्तु इनके इस रोग का व्यक्ति के साथ साथ उसके परिवारीजन पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है उदाहरण के तौर पर कोई महिला रोगी गन्दगी के विचारों की वजह से ज्यादातर समय अन्यथा सफाई में खर्च कर देती है और बाकी ज़रूरी कार्य अधूरे रह जाते हैं या हो ही नहीं पाते।